उमरिया कलेक्टर की खरीदी केंद्र प्रभारियों को दो-टूक

उमरिया। जिले में जारी गेहूं खरीदी के बीच किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने मानपुर के नौगवां गेहूं खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण कर लचर व्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने केंद्र प्रभारियों और खाद्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान खुली अव्यवस्थाओं की पोल
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के सामने ही केंद्र की बदहाली उजागर हो गई। जब उन्होंने स्वयं तौल कांटे की जांच करवाई, तो कांटा सही वजन बताने में नाकाम रहा। इस तकनीकी खामी और केंद्र पर व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखकर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
निरीक्षण की मुख्य बातें:
• दोषपूर्ण तौल: तौल कांटा सही तरीके से काम नहीं कर रहा था, जिससे किसानों को नुकसान होने की पूरी संभावना थी।
• अधिकारियों को फटकार: प्रभारियों के जवाब और मौके की हकीकत में भारी अंतर पाए जाने पर कलेक्टर ने उन्हें सख्त हिदायत दी।
• सर्वर और सुविधाओं की कमी: जिले में सर्वर की समस्या और केंद्रों पर सुविधाओं के अभाव को लेकर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है।
भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर प्रहार
ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि बिना ‘चंदा’ या सुविधा शुल्क दिए किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने खाद्य विभाग को निर्देशित किया है कि यदि किसी भी किसान से अवैध वसूली की शिकायत मिली, तो संबंधित कर्मचारी या प्रभारी को बख्शा नहीं जाएगा।
“अगर किसानों को कोई भी तकलीफ हुई या शिकायतें मिलीं, तो इसके लिए सीधे तौर पर अफसर जिम्मेदार माने जाएंगे। व्यवस्थाओं में सुधार तत्काल प्रभाव से दिखना चाहिए।”
— श्रीमती राखी सहाय, कलेक्टर, उमरिया
किसानों में जागी उम्मीद की किरण
जिले के मुखिया द्वारा स्वयं जमीन पर उतरकर किए जा रहे इन औचक निरीक्षणों से भले ही लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मचा हो, लेकिन आम किसानों के बीच एक सकारात्मक संदेश गया है। किसानों को उम्मीद है कि अब केंद्रों पर व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं से उन्हें मुक्ति मिलेगी और वे सुगमता से अपनी फसल बेच पाएंगे।










