बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व: आपसी संघर्ष में एक बाघ की मौत, गश्ती के दौरान मिला शव


बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ खितौली परिक्षेत्र के अंतर्गत आपसी लड़ाई में एक बाघ की जान चली गई। क्षेत्र संचालक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघ का शव गश्ती दल को तलाशी के दौरान बरामद हुआ है।

सुरक्षा श्रमिकों ने सुनी थी दहाड़ने की आवाजें

मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बगदरी बीट के ढमढमा कैंप में तैनात सुरक्षा श्रमिकों ने क्षेत्र में बाघों के आपस में भिड़ने और उनके गर्जना की आवाजें सुनी थीं। शोर सुनकर गश्ती दल तुरंत सक्रिय हुआ और ढमढमा क्षेत्र में सघन छानबीन शुरू की गई। इसी तलाशी अभियान के दौरान एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया।

प्राथमिक जांच: आपसी रंजिश बनी मौत का कारण

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए प्राथमिक निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि बाघ की मृत्यु किसी शिकारी की वजह से नहीं, बल्कि क्षेत्राधिकार (Territorial fight) को लेकर हुए आपसी संघर्ष के कारण हुई है।

• हमले के निशान: बाघ के शरीर पर गहरे जख्म और हमले के निशान मिले हैं।

• अंग सुरक्षित: राहत की बात यह है कि प्रथम दृष्टया बाघ के सभी अंग मौके पर सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार की आशंका कम हो जाती है।

SOP के तहत कार्रवाई शुरू

घटनास्थल को तुरंत घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया गया है। पार्क प्रबंधन ने आगे की विस्तृत जांच और साक्ष्य जुटाने के लिए निम्नलिखित टीमों को मौके पर बुलाया है:

1. हाथी गश्ती दल

2. डॉग स्क्वाड (श्वान दस्ता)

3. मेटल डिटेक्टर टीम

पार्क प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम और अन्य सभी औपचारिकताएं NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) द्वारा निर्धारित गाइडलाइन और SOP के आधार पर पूरी की जा रही हैं। इस घटना के बाद से क्षेत्र में निगरानी और बढ़ा दी गई है।


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