
म.प्र. वक्फ बोर्ड में बड़े प्रशासनिक सुधार: नए अधिनियम से माफियाओं पर नकेल, मेधावी छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप
भोपाल। मध्यप्रदेश में नए वक्फ अधिनियम के लागू होने के बाद वक्फ बोर्ड के कामकाज और व्यवस्थाओं में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा-निर्देशन में बोर्ड को मजबूत कानूनी और प्रशासनिक अधिकार मिले हैं, जिससे संपत्तियों के रख-रखाव में पारदर्शिता आई है। इसी कड़ी में सोमवार, 25 मई 2026 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव 849 होनहार छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) प्रदान कर सम्मानित करेंगे।
शिक्षा को बढ़ावा: 1500 से अधिक बच्चों की रुकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराई
म.प्र. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर बोर्ड ने ‘पढ़ो पढ़ाओ – राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनों’ अभियान के तहत एक बड़ा सामाजिक बदलाव किया है। इस योजना के अंतर्गत स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉप आउट) 1,552 बच्चों को चिन्हित कर उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ा गया है और उनकी पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता का प्रबंध किया गया है। भोपाल से शुरू हुआ स्कॉलरशिप वितरण का यह सिलसिला आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। मध्यप्रदेश के इस अनूठे मॉडल का अध्ययन करने के लिए अब दूसरे राज्यों के दल भी भोपाल आ रहे हैं।
वक्फ माफियाओं पर कसा शिकंजा: 41 करोड़ से ज्यादा की वसूली के नोटिस
अवैध कब्जों और वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दागी प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली (RRC) के नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रमुख वसूली कार्रवाइयां निम्नलिखित हैं:
- वक्फ यतीमखाना शाहजंहानी (भोपाल): देश के वक्फ इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रबंधक को 28.96 करोड़ रुपये का वसूली नोटिस दिया गया।
- वक्फ मदर गेट (उज्जैन): कुप्रबंधन के मामले में 7.21 करोड़ रुपये की वसूली की कार्रवाई।
- वक्फ जामा मस्जिद (बीना बजरिया, सागर): प्रबंधकों को 1.84 करोड़ रुपये का नोटिस।
- वक्फ बड़वाली चौकी (इंदौर): इस मामले में 1.24 करोड़ रुपये की वसूली की प्रक्रिया जारी।
- वक्फ हिंदू अनाथालय (भोपाल): प्रबंधन के खिलाफ 1.05 करोड़ रुपये की आरआरसी जारी।
- वक्फ अंजुमन इस्लामिया (जबलपुर): पूर्व अध्यक्ष प्यारे साहब से 81.43 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की वसूली का नोटिस।
डिजिटल प्रबंधन के लिए मिला देश का प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’
केंद्र सरकार के नए संशोधन कानून के तहत मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने अपनी सभी संपत्तियों का शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण कर दिया है। भारत सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक्फ संपत्तियों का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज कराने में मध्यप्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बोर्ड को प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’ (Scotch Award) से सम्मानित किया गया है। संपत्तियों के ऑनलाइन होने से भू-माफियाओं पर लगाम कसी है और कृषि भूमियों की समय पर नीलामी होने से बोर्ड के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।
पर्यावरण संरक्षण: 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
वक्फ बोर्ड के इतिहास में पहली बार पर्यावरण सुधार के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू की जा रही है। अध्यक्ष डॉ. पटेल के अनुसार, इस वर्ष प्रदेशभर में वक्फ की जमीनों पर 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने पूर्वजों की स्मृति में एक पौधा जरूर लगाएं। पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए जिला स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी और बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।










