
मध्य प्रदेश: मुरैना में बड़ा रेल हादसा; मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह से मची भगदड़, दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से मासूम समेत 4 की मौत
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर और धौलपुर रेल खंड के बीच रविवार (14 जून 2026) शाम एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला रेल हादसा हो गया। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 19665) में मोबाइल फटने और आग लगने की झूठी अफवाह के बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई। दहशत में आकर ट्रेन से नीचे कूदे यात्री दूसरी पटरी पर आ रही तेज रफ्तार पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस हादसे में 3 महिलाओं और एक 4 साल के मासूम बच्चे सहित कुल 4 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
### मोबाइल चार्जिंग के दौरान फैली अफवाह समाचार एजेंसियों और चश्मदीदों के मुताबिक, यात्री बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे थे। सफर के दौरान जनरल कोच में मोबाइल चार्जिंग को लेकर कुछ भ्रम या तकनीकी खराबी हुई, जिसके बाद किसी यात्री ने ‘ट्रेन में आग लग गई’ की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते पूरे डिब्बे में चीख-पुकार मच गई और किसी ने अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कर ट्रेन को बीच रास्ते में ही रोक दिया।
### ट्रैक पर मोड़ होने के कारण नहीं दिखी दूसरी ट्रेन झांसी रेल मंडल के डीआरएम (DRM) अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि ट्रेन रुकते ही करीब 100-120 यात्री जान बचाने के लिए नीचे उतरकर बगल वाले अप-लाइन ट्रैक पर भागने लगे। इसी दौरान आगरा की तरफ से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहाँ से गुजर रही थी।
डीआरएम के मुताबिक: “जिस स्थान पर यात्री खड़े थे, वहाँ रेलवे ट्रैक पर 1.8 डिग्री का एक तीखा मोड़ (Curved Track) था। इस मोड़ के कारण यात्रियों को सामने से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस दिखाई नहीं दी। पातालकोट एक्सप्रेस के लोको पायलट (ड्राइवर) ने यात्रियों को देखकर इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए, लेकिन ट्रेन की रफ्तार बहुत तेज होने के कारण वह समय पर नहीं रुक सकी और यह हादसा हो गया।”
### हादसे के शिकार हुए यात्रियों की सूची प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से तीन आगरा और एक राजस्थान के बीकानेर की निवासी थीं:
- आफरीन (35 वर्ष): पत्नी नदीम खान, निवासी सुल्तानगंज, आगरा (उत्तर प्रदेश)।
- असद खान (4 वर्ष): पुत्र नदीम खान (आफरीन का बेटा), निवासी आगरा।
- शकुंतला देवी (60 वर्ष): पत्नी भूरी सिंह परमार, निवासी रुनकता, आगरा (उत्तर प्रदेश)।
- विरमा देवी (58/60 वर्ष): पत्नी गिरधारी गिरी गोस्वामी, निवासी बीकानेर (राजस्थान)।
### जाँच के आदेश, ट्रेन में आग की बात पूरी तरह गलत रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जाँच के दौरान उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के किसी भी कोच में आग लगने या ब्लास्ट होने का कोई सबूत नहीं मिला है। यह विशुद्ध रूप से एक अफवाह के कारण हुआ हादसा था। उत्तर मध्य रेलवे ने मामले की गहन जाँच के लिए वरिष्ठ जज एडवोकेट जनरल (JAG) स्तर के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है।
हादसे के बाद दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे जीआरपी (GRP), आरपीएफ (RPF) और मुरैना स्थानीय पुलिस द्वारा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और ट्रैक क्लियर करने के बाद दोबारा सामान्य कर दिया गया है।
### रेलवे की अपील: दुर्घटनाओं से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान इस हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है:
- चलती हुई या आपातकाल में रुकी हुई ट्रेन से बिना किसी आधिकारिक निर्देश के ट्रैक पर न उतरें।
- किसी भी अप्रत्याशित आवाज या घटना पर तुरंत पैनिक होने के बजाय रेलवे स्टाफ (गार्ड/टीटीई) को सूचित करें।
- अफवाहों को फैलने से रोकें और रेलवे सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।










