
कोटरी खरीदी केंद्र बना ‘लूट’ का अड्डा! किसानों ने खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप
मानपुर (उमरिया)। जिले की मानपुर तहसील अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोटरी में गेहूं खरीदी केंद्र भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। यहाँ के अन्नदाताओं का धैर्य अब जवाब दे चुका है। प्रबंधक और सर्वेयर की कथित मनमानी और अवैध वसूली के खिलाफ किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है।
50 किलो के बोरे में 51.500 किलो की मांग!
किसानों का सबसे गंभीर आरोप ‘ओवरलोड तौल’ को लेकर है। नियमों को ताक पर रखकर किसानों से प्रति बोरा 50 किलो के बजाय 51.500 किलोग्राम गेहूं लिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि:
• बिना अतिरिक्त वजन के तुलाई पास नहीं की जाती।
• इस ‘अघोषित कटौती’ से गरीब किसानों को भारी आर्थिक क्षति हो रही है।
• रसीद जारी करने के एवज में भी अवैध राशि या अतिरिक्त अनाज की मांग की जाती है।
मजदूरी से लेकर ‘सेवा-सत्कार’ तक का बोझ किसान पर
हैरानी की बात यह है कि सरकारी दावों के विपरीत, केंद्र पर मजदूरों की कमी का हवाला देकर किसानों से खुद बोरा भराई और तुलाई कराई जा रही है। किसानों ने व्यथा सुनाते हुए बताया कि:
हमें न केवल अपने साथ मजदूर लाने पड़ रहे हैं, बल्कि प्रबंधन को खुश करने के लिए चाय-नाश्ता, ठंडा और अन्य खर्च भी अपनी जेब से भरना पड़ता है। यह खरीदी केंद्र नहीं, बल्कि किसानों का शोषण केंद्र बन गया है।”
अव्यवस्थाओं का अंबार: भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे अन्नदाता
एक ओर पारा 40 डिग्री के पार है, वहीं दूसरी ओर कोटरी केंद्र पर छांव और पानी के इंतजाम नदारद हैं। फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह (शेड) न होने के कारण उपज खुले में पड़ी है, जिससे नुकसान का डर बना रहता है। घंटों इंतजार और अधिकारियों की बेरुखी ने किसानों के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
शिकायतों का अंबार, पर कार्रवाई सिफर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कोटरी केंद्र के प्रबंधक के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं है। रबी और खरीफ के पिछले सीजनों में भी कई लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन साठगांठ के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वर्तमान स्थिति:
• किसानों ने कलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
• पुलिस प्रशासन को भी मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया है।
• किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।










