
मानपुर में फूटा कांग्रेस का संताप, शिक्षा मंत्री का पुतला फूंक मांगा इस्तीफा
15 मई 2026
मानपुर। देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुए कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ अब देशव्यापी जन-आक्रोश सड़कों पर दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक विशाल और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर के अध्यक्ष उमाशंकर पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों की तादाद में कांग्रेसी कार्यकर्ता स्थानीय बस स्टैंड पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं के सामने प्रशासनिक अमला बेबस नजर आया।
छात्रों के सपनों पर सर्जिकल स्ट्राइक: कांग्रेस
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष उमाशंकर पटेल ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा, जिससे देश के भविष्य के डॉक्टर चुने जाते हैं, उसमें इस तरह की संगठित धांधली होना बेहद शर्मनाक है। यह देश के लाखों ईमानदार छात्रों और रात-दिन एक करने वाले अभिभावकों के विश्वास पर सीधा प्रहार है। उन्होंने नए संदर्भ जोड़ते हुए कहा कि आज देश का मध्यमवर्गीय परिवार अपनी जमा-पूंजी और जमीन गिरवी रखकर बच्चों को कोटा और दिल्ली जैसे शहरों में पढ़ाता है, लेकिन पेपर लीक माफिया चंद रुपयों के लिए उनके सपनों को बेच देते हैं। वर्षों की मेहनत, आर्थिक संघर्ष और आंसुओं के सहारे परीक्षा देने वाले इन युवाओं के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ देश अब बर्दाश्त नहीं करेगा।
शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर, नैतिक जिम्मेदारी कहां है?
कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है; लगातार एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं यह साबित करती हैं कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है और शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। कांग्रेस नेताओं ने तीखा सवाल दागा कि आखिर हर बार देश के होनहार युवाओं को ही बलि का बकरा क्यों बनाया जाता है?
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफे की मांग की है। नेताओं का साफ कहना था कि जब देश का युवा अपने सुनहरे भविष्य को लेकर सड़कों पर रो रहा हो और सवाल पूछ रहा हो, तब सत्ता में बैठे हुक्मरानों की जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है। मौन रहकर इस घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगा जमावड़ा
इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय कोल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग सिंह, अंबुज, और जुझारू युवा नेता विजय गौतम शामिल रहे। इसके साथ ही यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव विक्रम सिंह, जनपद सदस्य रोशनी सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सिंह, ज्ञान प्रकाश पटेल, विष्णु तिवारी, कुशलेंद्र तिवारी और लाल भवानी सिंह ने भी मंच से सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की।
इस दौरान मंडलम अध्यक्ष सुदामा सेन, भोला पटेल, सुरेश पटेल, रण दमन सिंह, पंकज गौतम, शेख आशिक, गया प्रसाद पटेल, रामा नामदेव, कुश परिहार, राम नरेश सिंह, हृतिक प्यासी, शिवशरण पटेल, रवि सेन, सीताराम चौधरी, अजय सिंह सोमवंशी, प्रफुल्ल सिंह, अमृत लाल सिंह, चंद्रशेखर पटेल, रवि केवट, गोल्डी सेन, रामजी गौतम सहित सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक, पीड़ित छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आर-पार की जंग का ऐलान: उग्र आंदोलन की चेतावनी
“यह लड़ाई अब सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहेगी। अगर केंद्र सरकार ने तुरंत इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच (CBI Investigation) नहीं कराई, दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा और पीड़ित छात्रों को न्याय देते हुए री-एग्जाम या उचित समाधान नहीं निकाला, तो इस आंदोलन को ब्लॉक स्तर से उठाकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।”
— कांग्रेस नेतृत्व, मानपुर










