
मानपुर नगर परिषद में बवाल: स्वच्छता निरीक्षक पर शोषण और भेदभाव के गंभीर आरोप, चौतरफा घिरे हरगोविंद चतुर्वेदी
15 मई, 2026
मानपुर। नगर परिषद मानपुर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सुलग रहा विवाद अब पूरी तरह से प्रशासनिक और राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो चुका है। स्वच्छता निरीक्षक हरगोविंद चतुर्वेदी की कार्यप्रणाली के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। पीड़ित कर्मचारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) मानपुर को एक सामूहिक लिखित शिकायत सौंपकर स्वच्छता निरीक्षक पर जातीय भेदभाव, आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना और महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जैसे कई संगीन आरोप लगाए हैं। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है क्योंकि कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अधिकारी के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
मजदूरी पर ‘कैंची’: काम 30 दिन का, हाजिरी सिर्फ 20 दिन की!
एसडीएम को सौंपी गई शिकायत में कर्मचारियों ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे पूरे महीने (30 दिन) अनिवार्य रूप से काम लिया जाता है, लेकिन हाजिरी रजिस्टर में केवल 20 दिन की ही उपस्थिति दर्ज की जाती है। जब कोई कर्मचारी अपनी गाढ़ी कमाई और मेहनत का हिसाब मांगता है, तो उसे नौकरी से निकालने और अगले दिन से ड्यूटी पर न रखने की धमकी दी जाती है। कर्मचारियों का कहना है कि यह सीधे तौर पर उनके मानवाधिकारों का हनन और आर्थिक शोषण है।
सुरक्षा ताक पर: सुनसान इलाकों में अकेली भेजी जा रही हैं महिला कर्मी
मामले में सबसे गंभीर पहलू महिला सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा है। शिकायती पत्र के अनुसार, महिला कर्मचारियों को मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर एकांत और सुनसान क्षेत्रों में सफाई कार्य के लिए भेज दिया जाता है। संवेदनहीनता की हद यह है कि सुरक्षा के लिहाज से उनके साथ किसी भी पुरुष सहकर्मी की तैनाती नहीं की जाती। इस प्रशासनिक तानाशाही के कारण महिला कर्मचारियों में लगातार डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
पद का दुरुपयोग और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जो कर्मचारी परिषद में लंबे समय से ड्राइवर के पद पर सेवाएं दे रहे थे, उन्हें दुर्भावनावश वाहनों से हटाकर सफाई कार्य में लगा दिया गया। विरोध करने पर उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि जातिसूचक टिप्पणियां कर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई।
पुरानी हिस्ट्री: इससे पहले जयसिंहनगर में भी विवादों के बाद इन्हें हटाया गया था। अब मानपुर उपाध्यक्ष गीता पटेल ने भी सीएमओ को पत्र लिखकर इनके प्रभार छीनने की मांग की है।
जनप्रतिनिधि भी नाराज: उपाध्यक्ष ने सीएमओ को लिखा पत्र
यह विवाद अब केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। नगर परिषद मानपुर की उपाध्यक्ष गीता ज्ञान प्रकाश पटेल ने भी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को पत्र लिखकर हरगोविंद चतुर्वेदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उपाध्यक्ष ने मांग की है कि चतुर्वेदी के पास मौजूद सभी महत्वपूर्ण प्रभार तत्काल वापस लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ही अधिकारी के पास अत्यधिक प्रभार होने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है और जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य सवाल: फाइलों में दबेगा दर्द या होगी कार्रवाई?
एक तरफ जहां रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले सफाईकर्मी अपनी सुरक्षा और हक के लिए प्रशासनिक चौखट पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि भी इस कार्यप्रणाली से बेहद खफा हैं। अब देखना यह होगा कि इस चौतरफा विरोध और शिकायतों के अंबार के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है, या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।










