ऐतिहासिक दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’

भारत-स्लोवाकिया संबंध अब ‘व्यापक साझेदारी’ में बदले, पीएम बोले- यह सम्मान 140 करोड़ देशवासियों का

 (JSNN) ब्रातिस्लावा (स्लोवाकिया), 16 जून:

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया गणराज्य के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास” (The Order of the White Double Cross, First Class) से सम्मानित किया गया है। राजधानी ब्रातिस्लावा में आयोजित एक भव्य और विशेष समारोह में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिन ने पीएम मोदी को यह प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार भेंट किया। 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद से किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली ऐतिहासिक आधिकारिक यात्रा है।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के अलग-अलग देशों से मिलने वाला 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। यह पुरस्कार मुख्य रूप से उन विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने स्लोवाकिया के साथ मित्र देशों के संबंधों को मजबूत करने में असाधारण योगदान दिया हो।

140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया अवार्ड

सर्वोच्च सम्मान स्वीकार करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर लिखा:

“यह सम्मान भारत के 140 करोड़ नागरिकों और भारत-स्लोवाकिया के बीच के अटूट और मजबूत दोस्ताना संबंधों का प्रतीक है। मैं इस पुरस्कार को देशवासियों को समर्पित करता हूं।”

द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय: ‘कंप्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ का ऐलान

इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को अपग्रेड करते हुए ‘व्यापक साझेदारी’ (Comprehensive Partnership) का दर्जा देने का बड़ा फैसला किया। इसके तहत रक्षा, व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, रेलवे, स्वास्थ्य, और काउंटर-टेररिज्म जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई। स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का एक बार फिर खुलकर समर्थन किया।

‘नमक-रोटी’ से स्वागत और ‘बनारस’ का कनेक्शन

इससे पहले, हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्लोवाकिया की प्राचीन परंपरा के अनुसार ‘ब्रेड और साल्ट’ (नमक और रोटी) भेंट करके पारंपरिक स्वागत किया गया, जो वहां सर्वोच्च सम्मान और मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है।

दौरे के दौरान राष्ट्रपति भवन में एक खास आकर्षण देखने को मिला, जहां पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (बनारस) पर केंद्रित एक विशेष कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शनी में स्लोवाकिया के उन कलाकारों की पेंटिंग्स शामिल थीं, जिन्होंने हाल ही में वाराणसी का दौरा किया था। इसके अलावा, आगामी 21 जून को होने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ से पहले स्लोवाकियाई स्कूली बच्चों ने पीएम मोदी के सामने योग का प्रदर्शन भी किया।

स्लोवाकिया का अपना सफल दौरा पूरा करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस में आयोजित होने जा रहे G-7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) में भाग लेने के लिए रवाना होंगे।

बॉक्स न्यूज: मुख्य आकर्षण

  • 33वां वैश्विक सम्मान: पीएम मोदी के नाम दर्ज हुआ एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार।
  • पहला दौरा: 1993 में स्वतंत्रता के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया पहुंचा।
  • उपनिषद का अनुवाद: पीएम मोदी ने ब्रातिस्लावा में डॉ. रॉबर्ट गाफ्रिक से मुलाकात की, जिन्होंने भारतीय उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद किया है।

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