
⚠️ शहडोल: लापता व्यक्ति को लावारिस मानकर दफनाया, हफ्ते भर बाद कब्र से निकाला शव; परिजनों ने पुलिस पर मढ़ा लापरवाही का आरोप
शहडोल 17/06/2026
शहर के वार्ड क्रमांक-11 निवासी रमेश सराफ (54) की गुमशुदगी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की लापरवाही के कारण उनके प्रियजन का शव लावारिस मानकर दफना दिया गया।
घटनाक्रम पर एक नज़र
• लापता रमेश सराफ: रमेश सराफ 6 जून को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा 7 जून को कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन्होंने रमेश की फोटो, हुलिया और कपड़ों का विवरण भी पुलिस को दिया था।
• लावारिस शव और अंतिम संस्कार: इसी बीच मुड़ना नदी में एक अज्ञात शव मिला। पुलिस ने शव के काफी खराब स्थिति में होने का हवाला देते हुए उसकी पहचान किए बिना ही उसे ‘लावारिस’ मानकर दफना दिया।
• परिजन का आक्रोश: घटना के करीब एक हफ्ते बाद, पुलिस द्वारा दिखाई गई तस्वीरों और कपड़ों के आधार पर रमेश के भाई ने शव की पहचान की। इसके बाद परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते उनसे संपर्क किया होता, तो शव को अंतिम संस्कार से पहले ही पहचाना जा सकता था।
प्रशासन की कार्रवाई
• विवाद बढ़ने और मामला गंभीर होने पर प्रशासन ने संज्ञान लिया।
• कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने जानकारी दी कि एसडीएम की अनुमति मिलने के बाद, मंगलवार शाम शव को कब्र से बाहर निकाला गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
• मामले की जांच जारी है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।










