
⚽ उमरिया में सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन: खिलाड़ियों के जोश और खेल भावना ने जीता सबका दिल!
🏆 जीत से ज्यादा जरूरी है अनुशासन और संघर्ष: अनुजा पटेल
🌟 ‘शिक्षा और खेल का संतुलन ही सफलता की कुंजी’, विजेताओं को मिला सम्मान
उमरिया। 20/06/2026
खेल के मैदान में चार दिनों तक चले संघर्ष, जुनून और बेहतरीन तालमेल का गुरुवार को सुखद समापन हुआ। जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में खिलाड़ियों की ऊर्जा और उत्साह देखते ही बनता था।
📌 प्रतियोगिता की मुख्य झलकियाँ:
- अवधि: 15 से 18 जून तक।
- सहभागिता: प्रदेश के सात संभागों (जबलपुर, भोपाल, इंदौर, सागर, उज्जैन, नर्मदापुरम) और जनजातीय कार्य विभाग की टीमों ने दिखाया दम।
- माहौल: चारों दिन खेल भावना और अनुशासन का उत्कृष्ट प्रदर्शन।
🎙️ “बेटियाँ बढ़ा रही हैं देश का गौरव”: अनुजा पटेल
समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुजा पटेल ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, “खेल केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का माध्यम है। हार और जीत खेल के दो पहलू हैं। जो टीमें आज सफल नहीं हो सकीं, वे निराश न हों बल्कि अपनी कमियों को सुधारकर अगले अवसर के लिए तैयार रहें।”
उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि शिक्षा और खेल के बीच संतुलन बनाकर ही विद्यार्थी जीवन में बड़ी ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने खेल जगत में बेटियों के बढ़ते कदमों की सराहना की।
📈 “प्रतिभा को निखारने का एक सुनहरा मंच”: अभय सिंह
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री अभय सिंह ने कहा कि उमरिया में इस राज्य स्तरीय आयोजन का होना जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच देते हैं, बल्कि युवाओं में टीम भावना और चुनौतियों से लड़ने का साहस भी पैदा करते हैं।”
📝 रिपोर्ट कार्ड: व्यवस्थाओं में रही पूर्ण पारदर्शिता
जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.एस. मरावी ने प्रतियोगिता का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि चार दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया था। उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों के प्रदर्शन की प्रशंसा की।
✨ समापन समारोह में गूंजी तालियां
कार्यक्रम में श्री विष्णु भारती, श्री राकेश शर्मा और श्री सल्कांत बहादुर सिंह ने भी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। आयोजन के अंत में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और सम्मान पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
यह प्रतियोगिता न केवल फुटबॉल के रोमांच के लिए याद की जाएगी, बल्कि खेल अनुशासन के एक नए उदाहरण के रूप में भी दर्ज होगी।










