
नियमों को ठेंगा दिखाकर सड़कों पर दौड़ रही ‘डग्गामार’ बसें, यात्रियों की सुरक्षा दांव पर
मानपुर (उमरिया)। क्षेत्र में निजी बस संचालकों की मनमानी और परिवहन नियमों के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। मानपुर से कटनी, जैसीनगर और रायपुर जैसे प्रमुख मार्गों पर कई बसें बिना वैध परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट के धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। खास बात यह है कि ये बसें न केवल अवैध हैं, बल्कि क्षमता से अधिक सवारियां भरकर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही हैं।
जांच के बाद भी जारी है अवैध संचालन
सूत्रों के अनुसार, उमरिया पुलिस अधीक्षक विजय कुमार भागवानी के निर्देश पर हाल ही में यातायात पुलिस और मानपुर पुलिस ने औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान विजय प्रकाश नामक संचालक की बसों को बिना फिटनेस और परमिट के चलते पाया गया, जिन पर वैधानिक कार्रवाई भी की गई।
हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। बताया जा रहा है कि उक्त संचालक की करीब 5-6 बसें सड़क पर हैं, जिनमें से केवल 2 के पास वैध परमिट है।
परिवहन विभाग की चुप्पी पर सवाल
क्षेत्रीय परिवहन विभाग (RTO) की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और अन्य बस संचालकों का कहना है कि:
• विभिन्न रूटों पर लंबे समय से अवैध बसें चल रही हैं।
• कई बार मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया।
• बिना बीमा और टैक्स वाली बसों का सड़क पर उतरना मोटर व्हीकल एक्ट का सीधा उल्लंघन है।
हादसे का डर: कौन होगा जिम्मेदार?
यात्रियों में इस असुरक्षित सफर को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि यदि इन अनफिट और बिना परमिट वाली बसों के कारण कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? नियमों का पालन करने वाले अन्य बस संचालक भी इस भेदभावपूर्ण स्थिति से नाराज हैं।
“आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जांच की जाएगी और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — रमा दुबे, अधिकारी, परिवहन विभाग
विशेष जांच अभियान की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में संचालित सभी निजी बसों के दस्तावेजों की गहन जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। मांग की गई है कि जो बसें मानकों को पूरा नहीं करतीं, उन्हें तत्काल प्रभाव से सड़क से हटाया जाए और संचालकों पर सख्त जुर्माना लगाया जाए।










