
✨ सफलता की कहानी: शहडोल के जनजातीय शिल्पकारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान!
🎨 ‘नई पहचान की ओर बढ़ते कदम’— पारंपरिक कला को मिल रहा आधुनिक बाज़ार और ऑनलाइन मंच
🌟 गोंडी पेंटिंग, काष्ठ शिल्प और रॉट आयरन से लेकर कालीन-दरी तक, हुनर को लग रहे पंख
शहडोल। 27/07/2026
शहडोल जिले की पहचान केवल उसकी अनुपम प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जनजातीय संस्कृति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ के कुशल शिल्पकारों की पारंपरिक हस्तकला भी इसकी बड़ी पहचान है।
वर्षों से गोंडी पेंटिंग, काष्ठ शिल्प (Wood Craft), रॉट आयरन (Wrought Iron) और कालीन-दरी का निर्माण यहाँ के जनजातीय परिवारों की आजीविका और सांस्कृतिक विरासत का मुख्य आधार रहा है। बदलते दौर में अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने की चुनौतियों को जिला प्रशासन ने अवसर में बदल दिया है।
🛠️ 50 दिवसीय प्रशिक्षण से निखरा 200 शिल्पकारों का हुनर
जिला प्रशासन के प्रयासों से संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम (छतवई) में DMF योजना (वर्ष 2024-25) के अंतर्गत 50 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया:
- 200 प्रशिक्षणार्थी लाभान्वित: लगभग 200 स्थानीय युवाओं और कारीगरों ने पारंपरिक विधाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- तकनीकी निखार: इस पहल से शिल्पकारों को अपने हुनर को और अधिक निखारने तथा बाज़ार की आधुनिक माँगों के अनुसार उत्पाद तैयार करने का अवसर मिला।
🛒 अमेजन और फ्लिपकार्ट पर दिखेंगे शहडोल के हस्तशिल्प: ट्राइफेड (TRIFED) का मिला साथ
प्रशिक्षण के पश्चात आयोजित ‘जनजातीय शिल्पकार नामिका मेले’ ने इन शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच प्रदान किया:
📱 डिजिटल क्रांति से जुड़ा हस्तशिल्प:
- ऑनलाइन पंजीयन: मेले में पहुँचे ट्राइफेड (TRIFED) के अधिकारियों ने शिल्पकारों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर रजिस्टर करने के लिए प्रेरित किया।
- ग्लोबल मार्केट तक पहुँच: अब शहडोल के जनजातीय शिल्पकारों के उत्पाद अमेजन (Amazon), फ्लिपकार्ट (Flipkart) सहित विभिन्न ई-कॉमर्स माध्यमों पर दुनिया भर के खरीदारों के लिए उपलब्ध होंगे।
ट्राइफेड द्वारा उत्पादों के विपणन (Marketing) में सीधे सहयोग की इस ऐतिहासिक पहल से शहडोल के जनजातीय परिवारों के लिए आर्थिक समृद्धि और स्वावलंबन के नए द्वार खुल गए हैं।










