
क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से सीधे संवाद कर दिए सख्त निर्देश
🏥 स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष फोकस
क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से सीधे संवाद कर दिए सख्त निर्देश
उमरिया। 28/07/2026
स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और मरीजों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा, डॉ. जी.एस. परिहार ने मंगलवार को उमरिया जिले का दौरा कर जिला चिकित्सालय में संचालित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न इकाइयों का जायजा लेते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी स्वयं मरीजों से प्राप्त की तथा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. परिहार ने ओपीडी एवं आईपीडी में दर्ज मरीजों की स्थिति की समीक्षा की और अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों एवं चिकित्सकीय सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
इसके बाद उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू), प्रसूति वार्ड, ऑपरेशन थिएटर तथा इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं मरीजों की देखभाल की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया गया। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ सदैव विनम्र एवं संवेदनशील व्यवहार करते हुए बेहतर उपचार सुनिश्चित करें।
क्षेत्रीय संचालक ने अस्पताल में लागू एनक्वास (NQAS) प्रमाणन के मानकों का भी परीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता संबंधी सभी निर्धारित मापदंडों का नियमित रूप से पालन किया जाए, ताकि मरीजों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर उपलब्ध होती रहें।
👩⚕️ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा
निरीक्षण उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. परिहार ने जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रथम तिमाही में प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने तथा शिशुओं के शत-प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्राम स्तर पर नवीन विवाहित जोड़ों की पहचान कर उनका प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा एनीमिया एवं सिकल सेल की जांच प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को समय रहते कम किया जा सके।
📋 मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय संचालक ने जिले के समस्त मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करें। उन्होंने कहा कि मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी एवं समयबद्ध कार्रवाई से ही आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं तथा शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
🏥 जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल ने जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति तथा उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रिचा गुप्ता, सर्जन डॉ. बी.के. प्रजापति, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. निपाने, डॉ. सी.पी. शाक्य, आरएमओ डॉ. संदीप सिंह, जिला क्षय अधिकारी डॉ. मुकुल तिवारी, डॉ. बी. वर्मा, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी मानपुर डॉ. एन.पी. जैसल, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.एल. सागर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दर्शन पन्द्राम सहित समस्त कार्यक्रमों के कंसल्टेंट, नोडल अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक एवं कम्युनिटी मोबिलाइजर उपस्थित रहे।










