
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सलाम: युवा समाज सेना ने गौरव के साथ याद किया ‘हिन्दी पत्रकारिता’ का इतिहास
मानपुर (उमरिया):
राष्ट्र निर्माण और समाज को आईना दिखाने में पत्रकारिता की भूमिका हमेशा से सर्वोपरि रही है। इसी उद्देश्य को रेखांकित करते हुए मध्य प्रदेश युवा समाज सेना, मानपुर द्वारा नगर के हृदय स्थल पर स्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के पास ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस’ का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। देर शाम आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजसेवियों ने हिस्सा लिया और समाज के प्रति मीडिया के योगदान को सराहा।
आजादी की लड़ाई में कलम की ताकत
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और संगठन के अध्यक्ष राहुल शुक्ला ने अपने संबोधन में इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कलम की ताकत किसी हथियार से कम नहीं थी। जब देश गुलामी के दौर से गुजर रहा था, तब क्रांतिकारी विचारों को जन-जन तक पहुँचाना सबसे बड़ी चुनौती थी। उस दौर में हिन्दी के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ न सिर्फ जन-जागरूकता फैलाई, बल्कि देश के कोने-कोने में क्रांति की एक ऐसी मशाल जलाई जिसने अंग्रेजी शासन की नींव को हिलाकर रख दिया।
निष्पक्षता और जनहित ही असली पत्रकारिता
बदलते दौर में मीडिया की भूमिका पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में भी पत्रकारिता लोकतंत्र के सबसे मजबूत प्रहरी के रूप में काम कर रही है। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वर्तमान तकनीकी युग में भी सत्य, निष्पक्षता और जन सरोकार की भावना ही पत्रकारिता की असली पहचान है। समाज को सही दिशा देने के लिए मीडिया का पारदर्शी होना बेहद जरूरी है।
पत्रकार बंधुओं का जताया आभार
इस खास मौके पर संगठन द्वारा क्षेत्र के सभी सक्रिय पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने हिन्दी पत्रकारिता के समृद्ध और गौरवशाली इतिहास को नमन किया।
इस गरिमामायी आयोजन में मुख्य रूप से जितेन्द्र गुप्ता, आशुतोष दुबे, रोशन सोनी, विकास बैगा, सागर द्विवेदी, सुनील सेन, रामकिशन साहू, अशोक वर्मा, शिवानंद प्रजापति, अरुण साहू, आकाश कुशवाहा और वेद प्रकाश कुशवाहा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।










