
जनभागीदारी से गांवों के समग्र विकास का संकल्प, प्रस्फुटन समितियों को मिला सशक्तिकरण का मंत्र।
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जनभागीदारी से गांवों के विकास का संकल्प
प्रस्फुटन समितियों के शक्ति संचय कार्यक्रम में स्वैच्छिकता, सामूहिकता और स्वावलंबन पर दिया गया विशेष जोर
उमरिया। 29/07/2026
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में संवाद योजना के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर प्रस्फुटन समितियों का शक्ति संचय कार्यक्रम एवं मासिक बैठक जिला पंचायत सभागार में आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रस्फुटन समितियों को अधिक सक्रिय, सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया गया तथा आगामी जनहितकारी गतिविधियों की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संभाग समन्वयक भीम सिंह डामोर ने कहा कि “साथ चलें, साथ बढ़ें, हम सबके मन और विचार एक हों।” उन्होंने कहा कि जब समाज एक उद्देश्य और समान सोच के साथ कार्य करता है, तब विकास के लक्ष्य सहज रूप से प्राप्त होते हैं। उन्होंने प्रस्फुटन समितियों के प्रभावी संचालन के लिए स्वैच्छिकता, सामूहिकता और स्वावलंबन को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया।
उन्होंने कहा कि स्वैच्छिकता का अर्थ समाज और गांव के विकास के लिए बिना किसी दबाव के सेवा भावना के साथ कार्य करना है, जबकि सामूहिकता का अर्थ है कि गांव का विकास किसी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि समिति के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सभी सदस्यों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से संभव होता है। वहीं स्वावलंबन गांव को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है।
🌱 छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की अपील
बैठक में गांवों में छोटे-छोटे कार्यों के माध्यम से व्यापक परिवर्तन लाने पर विशेष जोर दिया गया। समिति सदस्यों से स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, हैंडपंपों के आसपास जलभराव की समस्या का समाधान, मंदिर एवं मुक्तिधाम की नियमित साफ-सफाई, उद्यानों का विकास, पौधारोपण एवं पौधों का संरक्षण, नशामुक्ति अभियान तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान किया गया।
🌳 हरियाली अमावस्या और हर घर तिरंगा अभियान की बनी रणनीति
बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। हरियाली अमावस्या पर व्यापक पौधारोपण एवं पौध संरक्षण अभियान, हर घर तिरंगा अभियान, स्वच्छता अभियान तथा अन्य जनसहभागिता आधारित गतिविधियों के सफल आयोजन की कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। इस दौरान पौधारोपण के साथ-साथ प्रत्येक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी तय करने तथा अधिक से अधिक पौधों को जीवित रखने का संकल्प लेने पर विशेष बल दिया गया।
📝 दस्तावेजीकरण पर भी दिया गया जोर
जिला समन्वयक रविन्द्र शुक्ला ने कहा कि केवल कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक गतिविधि का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण भी आवश्यक है। उन्होंने समितियों को निर्देशित किया कि बैठकों, निर्णयों, विकास कार्यों एवं सामाजिक गतिविधियों का नियमित रिकॉर्ड संधारित किया जाए, जिससे भविष्य की योजनाओं के निर्माण और कार्यों के मूल्यांकन में सुविधा हो सके।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी के.के. पांडेय ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों एवं समाज निर्माण में परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर नवांकुर संस्था प्रमुख, परामर्शदाता तथा विकासखंड करकेली अंतर्गत संचालित सभी प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए गांवों के समग्र विकास के लिए जनभागीदारी को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।










